विभाग की लापरवाही से जागरूक जनता ने की बहधारी में बने पेयजल टैंक की साफ-सफाई

आनी (टी सी शर्मा)। आनी विकास खण्ड के दलाश सब डिवीज़न में पानी के टैंक में  निकले मृत जंगली जानवरों के सड़े गड़े अवशेष।पानी नजी आने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन मटमैला व गन्दा पानी पीना पड़ता है। इस तरह का मामला आये दिनों आनी उपमंडल की ग्राम पंचायत दलाश के सोईधार गांव में देखने को मिला। ग्रामीण मजबूरी में मटमैला पानी पीने के लिए मजबूर हैं। नलों में कई दिनों से मटमैला पानी टपक रहा है। ऐसे में कई बीमारियों के फैलने का खतरा होने की आशंका है।

लोगों ने जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये। स्थानीय निवासी दीपक चौहान, बिमला देवी, राजिंदर कुमार, संजीव कुमार, रजनी, मनोज, सुनीता देवी, मनोहर लाल, विनोद कुमार, विक्की, नगीन, दलीप कुमार, कुमार सिंह, निखिल, अंकुश और पवन आदि का कहना है कि बहधारी में पानी की स्टोरेज टैंक की रविवार को जब ग्रामीणों ने सफ़ाई करनी चाही तो टैंक में से मृत जंगली जानवरों के अवशेष मिले तथा मिट्टी टैंक में बहुत थी।

जनता ने जल शक्ति विभाग पर आरोप लगाए की पिछले काफ़ी समय से लोगों को मटमैला आ रहा है। विभाग की गलती का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में इस दलाश के सोईधार, बहधारी में जाने वाली गंदी पेयजल आपूर्ति से ग्रामीण काफ़ी नाखुश है।

उन्होंने विभाग से ऐसी लापरवाही न बरतने और समय समय पर ऐसे स्टोरेज टैंकों का दौरा करने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल सुविधा मिल सके । वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल लाइन बहधारी से सोईधार लाइन में कोई जल रक्षक भी नहीं है जिसके चलते समस्याएं बहुत हैं। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से अनुरोध है कि  समय समय पर पेयजलापूर्ति टैंकों का दौरा करने और साफ़-सफ़ाई करवाने के आदेश जारी करें।

उपरोक्त मामले में शिकायत करने पर सम्बंधित एसडीओ व जेई को मौके पर जाने के आदेश दिए जिसके बाद एसडीओ, जेई व फिटर ने इस स्थान का दौरा किया। उसके उपरांत अधिषासी अभियंता आरके कौंडल द्वारा इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर अधिषासी अभिंयता कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जनता नही जागती तो गंदगी भरे पानी को पीने के लिए मजबूर होना पड़ना था।